फ़रवरी 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति आई जिसके नतीजे में जनता के मताधिकार और राजनैतिक व्यवस्था में उसकी भागीदारी का रास्ता खुला। सच्चाई यह है कि 1979 की क्रांति के बाद नगर व ग्राम परिषदों से लेकर संसद, राष्ट्रपति और सुप्रीम लीडर तक हर संस्था और उच्च पदाधिकारी का चयन डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से अवाम के वोटों से होता है।